मंगलवार, 24 फ़रवरी 2009
गुरुवार, 19 फ़रवरी 2009
शनिवार, 7 फ़रवरी 2009
शुक्रवार, 6 फ़रवरी 2009
कानुन की करतूते

इटावा के एक कसबे पोलिस वालो ने एक लड़की जो की ६ वर्ष की थी उसे बहुत बेरहमी से पीटा जहां तक की वह नाबालिक थी उसे पर चोरी का आरोपे लगाया था की उसने एक दुकानदार की दुकान से २५० रुपये चोरी करलिया यह आरोपे लगाया था उसे लड़की पर उसे दुकानदार ने उस लड़की को पोलिस ठाणे लेगये और उन कानुन के रख वालो को शॉप दिया फिर उन्होंने उस लकड़ी को बहुत बेरहमी से पीटा उसके बलों को खीचा उन को यह नही मालूम था कि यह लड़की नाबालिक हैं तब एक पत्रकार ने आकर उस पूरे सीन को आपने कैमरे मैं कैद किया
और उस २५० रुपये को उस आदमी को दिए जिसकी दुकान थी जिसने चोरी का आरोपे लगाया था उस माडिया कर्मी ने उस लड़की को बचाया और उस पूरी घटना को अपने कैमरे मैं कैद कर समाचार और टीबी पर दिखाया तब उन पोलिस वालो को निलंबित कर दिया इस घटना से यह पता चलता हैं कि मानव अधिकार का उलंघन करना तथा उनको नियम के अनुकूल रखना यही होता है हमारे देश मैं इस तरह के कानुन से तो देश समाज को नही बचाया जा सकता जो कानुन हमारी सुरक्षा करें के लिए हैं वही कानुन से अपरचित हो तो इस देश का क्या होगा और समाज का ऐसे कैसे देश मैं प्रतिदिन होते तो हैं पर कैमरे मैं कैद नही हो पते इसलिए उनको कोई समझ नही पता और देश मैं उनकी पहचान नही हो पाती और बाल शोषण अधिकार के लिए इस तरह कि घटना एक अनोखी चाहिए जिससे उन सभी समाज के लोगों को पाटा चल सके और उन कानुन नियमोइमो का पालन किया जा सके देश व् राज्य कि सरकार पोलिस मैं उन लोगो को भरती कर लेती हैं जो अशिचित हैं जिन्हें मानव अधिकार तो कानुन का तक नही पता उन लोगो को देश कि रक्षा के लिए नही रखना चाहिए शिचित वियक्ति को ही नियोक्त करे जिससे समाज को बचने से रोक सके
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